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Monday, 4 July 2016

भारत के भविष्य निर्माता हैं खनिज व्यवसायी : नरेंद्रसिंह तोमर

खनिज क्षेत्र के समूचित विकास और खनन की सुदृढ़ नीति तय करने के मकसद से राजधानी रायपुर में सोमवार को नेशनल कॉन्क्लेव ऑफ माइंस एण्ड मिनरल्स की शुरूआत हुई। इस आयोजन में केंद्रीय खनिज एवं उद्योग मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह सहित देशभर के खनिज व्यवसायी शामिल हुए। कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली भी शिरकत करने वाले थे, लेकिन खराब मौसम के चलते उनके विमान की नागपुर में आपात लैंडिंग की गई और वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि मैं यहां देशभर के खनिज व्यवसायियों को नहीं बल्कि देश के आम नागरिकों को संबोधित कर रहा हूं। खनिज संपदा को व्यवसायिक नजरिए के साथ देखने के अलावा एक आम नागरिक की दृष्टि से हमें इसे देखना होगा, ताकि इनका विवेकपूर्ण व समूचित रूप से दोहन हो सके। उन्होंने कार्यक्रम की शुरूआत में खनिज व्यवसायियों को भारत का भविष्य निर्माता कहकर उनका स्वागत किया।

Friday, 1 July 2016

मोदी कर रहे छत्तीसगढ़ी शब्दों का संयोजन, मानक शब्दकोश की ले रहे मदद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ी शब्दों का संयोजन कर रहे हैं। 'मानक छत्तीसगढ़ी शब्दकोश" के लेखक रायपुर के फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. गीतेश अमरोहित को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने पत्र भेजा है, जिसमें लिखा है कि- उनके द्वारा भेजी गई 'मानक छत्तीसगढ़ी शब्दकोश" के अध्ययन में प्रधानमंत्री ने रुचि दिखाई है, कहा है कि छत्तीसगढ़ी शब्दों के साथ प्रदेश की संस्कृति को समझने का अवसर यह रचना उपलब्ध करवाती है। छत्तीसगढ़ी शब्दों के संयोजन में इस पुस्तक से मुझे मदद मिलेगी।"
डॉ. अमरोहित ने अपनी लिखी किताब की प्रति प्रधानमंत्री को पोस्ट की थी, जिस पर पीएमओ ने उन्हें पत्र भेजा है। 'नईदुनिया" ने पीएमओ में कॉल कर यह जानने की कोशिश भी की कि क्या पीएमओ में छत्तीसगढ़ी के अलावा भी अन्य किसी बोली-भाषा के शब्दों का संयोजन किया जा रहा है? इसके लिए पीएमओ में उप सचिव चंद्रेश सोना से संपर्क करने का प्रयास किया गया, जिन्होंने डॉ. अमरोहित को पत्र भेजा है, पर उनसे संपर्क नहीं हो सका।

Wednesday, 15 June 2016

नारायणपुर में नक्सलियों से मुठभेड़, दो एसआई समेत तीन गंभीर

छत्तीसगढ़ स्थित नारायणपुर जिले के अबूझमाड के जंगल में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में कोंडागांव डीआरजी के दो एसआइ समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं पुलिस ने करीब एक दर्जन नक्सलियों के मारे जाने का दावा किया है। घायलों को बेहतर इलाज के लिए राजधानी के रामकृृष्ण केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। एएसपी अनिल सोनी ने बताया कि नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया था।
रविवार को नारायणपुर से जिला बल, डीआरजी व एसटीएफ के साथ कोंडागांव की डीआरजी की संयुक्त पार्टी को नारायणपुर, कोंडागांव और दंतेवाडा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र ग्राम किलम, बेचा, कड़ेनार एवं मर्दापाल रवाना किया गया था। सोमवार दोपहर दो बजे ग्राम आलवाड़ के जंगल में सशस्त्र नक्सलियों ने घात लगाकर हमला कर दिया। सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया।

Tuesday, 31 May 2016

एवीसी छत्तीसगढ़ को अगले साल देगा एशियन चैंपियनशिप की मेजबानी

बलबीर जुनेजा इनडोर स्टेडियम में 19 से 25 सितंबर तक प्रस्तावित वॉलीबॉल एशिया कप की मेजबानी छीनने के बाद एशियाई वॉलीबॉल महासंघ (एवीसी) ने रायपुर को बिना निरीक्षण अगले साल एशियन चैंपियनशिप की मेजबानी देने की बात कही है। बशर्ते छत्तीसगढ़ शासन इसके इच्छुक हो। साथ ही अब तक की तैयारियों के लिए संघ की तारीफ भी की है।
एवीसी के महासचिव सेन्रीट वांगप्रास्रेट ने छत्तीसगढ़ वॉलीबॉल संघ को किए ई-मेल में यह बात कही। भारतीय वॉलीबॉल महासंघ (वीएफआई) के आपसी झगड़े की वजह से टूर्नामेंट की मेजबानी थाईलैंड को दे दी गई है। पिछले साल अक्टूबर में ही सेन्रीट ने रायपुर का दौरा कर एशिया कप की मेजबानी पर मुहर लगाई थी।
लेकिन पिछले चार महीने से वीएफआई के अंदरूनी झगड़े की वजह से एवीसी को मजबूरन टूर्नामेंट की मेजबानी रायपुर से छीननी पड़ी। बता दें कि एशिया कप के आयोजन के लिए बलबीर जुनेजा इनडोर स्टेडियम और डिग्री गर्ल्स कॉलेज के इनडोर हॉल को अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के अनुरूप 17 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसमें ड्रेसिंग रूम से लेकर, अंपायर रूप सहित हर जरूरी संसाधन तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ शासन ने एशिया कप के आयोजन के लिए 1 करोड़ रुपए भी दिए हैं।

Monday, 30 May 2016

खुदाई में मिली 5वीं सदी की ईंटें, शिवलिंग और भवन के भग्नावशेष

जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर ग्राम पंचायत देवरी में पुरातत्व विभाग द्वारा की जा रही खुदाई में 5वीं सदी से लेकर 12वीं सदी तक की ईंटेंए भवन के भग्नावशेष और अन्य ऐतिहासिक वस्तुएं मिली हैं। कुल ढ़ाई हजार की आबादी वाले इस गांव की मिट्टी ने अपने अंदर सैकड़ों वर्षों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक साक्ष्यों को छिपा रखा था, जिसे अब पुरातत्वेत्ता खोद-खोद कर निकाल रहे हैं।
इस तरह सामने आया इतिहास
गांव के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में अधिष्ठात्री देवी मां महामाया का निवास स्थान है जो आसपास के स्थान से कुछ ऊंचा है। इसी के पास से वर्षों से कई प्रकार की प्राचीन प्रतिमाएं प्राप्त होती रही हैं। इसी कारण गांव के कुछ लोगों को लगा कि हो न हो यहां किसी जमाने में रखा हुआ खजाना होगा और इस प्रकार चोरी-छिपे खुदाई और चोरी का सिलसिला चल पड़ा। गांव के कुछ सयाने और बुजुर्गों की पहल पर चोरी की बात थाने तक पहुंची और चूंकि उस समय पास में डमरू में खुदाई का कार्य चल रहा था अतः तात्कालीन थानेदार ने वहां पहुंच पुरातत्व विभाग के लोगों से स्थल निरीक्षण करने की बात कही। इस तरह बात पुरातत्व विभाग तक बात पहुंची। पुरातत्व विभाग ने खुदाई का प्रस्ताव पहले राज्य फिर केन्द्र सरकार को भेजकर प्रशासनिक मंजूरी ली। यहां 15 मई से खुदाई का कार्य प्रारंभ किया गया।

Friday, 27 May 2016

ढाई साल के बच्चे की श्वास नली में फंसी कील, डॉक्टर्स ने 20 मिनट में निकाली

ढाई साल के बच्चे की श्वास नली में फंसी कील, डॉक्टर्स ने 20 मिनट में निकाली
ढाई साल के बच्चे ने घर में खेलते हुए मुंह में ढाई इंच लंबी कील डाल ली। कील उसकी श्वास नली में फंस गई। घटना कोरबा जिले के रंजना गांव की है। बच्चे के माता-पिता पहले उसे एक नजदीकी अस्पताल में ले गए।
स्थानीय डॉक्टर ने जिला अस्पताल और फिर जिला अस्पताल के डॉक्टर ने उसे रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल रेफर किया। ईएनटी विभाग के डॉक्टर्स ने एक्स-रे किया।
इसमें पुष्टि हो गई कि श्वास नली में कील फंसी हुई है। डॉक्टर्स ने बगैर सर्जरी (चीरफाड़), ब्रोंकोस्कोपी तकनीक से 20 मिनट में कील निकाल दी। बच्चा अब पूरी तरह से स्वस्थ है और खतरे से बाहर भी।

Thursday, 26 May 2016

भीषण सूखे ने 14 साल बाद कराए शिवलिंग के दर्शन

भीषण सूखे ने 14 साल बाद कराए शिवलिंग के दर्शन
भीषण सूखे ने 14 साल बाद कराए शिवलिंग के दर्शन
भीषण गर्मी के चलते ब्लॉक के बेलरगांव से 10 किलोमीटर दूर दुधावा बांध के डूब क्षेत्र देवखुंट पारा में प्राचीन पुरातत्व देऊर मंदिर के भीतर स्थापित शिवलिंग का दर्शन 14 साल बाद हो रहे हैं। शिवलिंग के दर्शन करने बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं। मालूम हो कि नगरी-सिहावा क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर पुरातत्व महत्व के अनेक मंदिर और प्रतिमाएं मौजूद हैं।
वर्षभर दुधावा बांध के पानी के भीतर देवखुंटपारा का पुरातत्व देऊर मंदिर डूबा रहता है। हर वर्ष यह मंदिर गर्मी के दिनों में लोगों को दिखता जरुर था परंतु मंदिर के भीतर गर्भगृह में स्थित शिवलिंग का दर्शन नहीं हो पाते थे। 14 साल बाद इस साल लोगों को भगवान शिव के दर्शन हो रहे हैं। यहां पूरा मंदिर पत्थरों एक-दूसरे के उपर रखकर बनाया गया है।
कहीं पर भी जोड़ने के लिए किसी सामग्री का उपयोग नहीं किया गया है। मंदिर की प्राचीनता के विषय में बेलर के शंभु साहू एवं मौर्यध्वज सेन ने बताया कि यह मंदिर लगभग 10वीं सदी का है। जनश्रुति के अनुसार छैमासी अंधेरे पक्ष में इसका निर्माण किया गया था। नगरी क्षेत्र के कर्णेश्वर में स्थित सूर्य मंदिर एवं देवखुंट मंदिर की निर्माण कला में समानता देखने को मिलती है। जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों मंदिर एक ही काल में निर्मित हुए होंगे। देऊरमंदिर के पास ही अन्य मंदिर भी थे, जो ढह चुके हैं। उनके अवशेष यहां-वहां बिखरे पड़े हैं।

Monday, 16 May 2016

नारायणपुर क्षेत्र में नक्सलियों ने किया विस्फोट, एक जवान

नारायणपुर क्षेत्र में नक्सलियों ने किया विस्फोट, एक जवान
नारायणपुर क्षेत्र में नक्सलियों ने किया विस्फोट, एक जवान
अपने साथियों के लगातार समर्पण और पुलिस व सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव से नक्सली सड़क निर्माण में लगी रोड ओपनिंग पार्टी को अपना निशाना बना रहे हैं।
ओपनिंग पार्टी को अपना निशाना बनाते हुए नक्सलियों ने अाज ब्लास्ट किया। इस दौरान भारत तिब्बत सीमा पुलिस आईटीबीपी का 1 जवान घायल हो गया।
घायल जवान को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। ये जवान नारायणपुर से सोनपुर सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा के लिए लगे थे। घटना कुरुषनार के खालेपारा की है

Friday, 13 May 2016

माओवादियों ने रायनार के पास यात्री बस रोकी

माओवादियों ने रायनार के पास यात्री बस रोकी
माओवादियों ने रायनार के पास यात्री बस रोकी
अबूझमाड़ के ओरछा मार्ग पर रायनार के पास हथियार बंद 25 से 30 माओवादियों ने सुबह करीब 6 बजे यात्री बस को रोका।
नक्सलियों ने इसके बाद बस की तलाशी लेकर बस के सामने अपना बैनर बांध दिया। नक्सलियों ने आमदई घाटी की लौह अयस्क खदान को लेकर अपना विरोध जताया है।
बैनर में ग्रीन हंट आपरेशन बंद करने और बस्तर में हवाई हमले का विरोध किया गया है। माओवादियों द्वारा करीब 1 घंटे तक बस को रोकने के कारण यात्री दहशत में रहे । इस घटना के बाद दहशत के कारण अबूझमाड़,ओरछा निकलने वाली अन्य यात्री बस मुख्यालय नहीं पहुंच पाई।

Thursday, 12 May 2016

बम डिफ्यूज करते शहीद हो गया सैकड़ों जान बचाने वाला हीरो

बम डिफ्यूज करते शहीद हो गया सैकड़ों जान बचाने वाला हीरो
बम डिफ्यूज करते शहीद हो गया सैकड़ों जान बचाने वाला हीरो
बम से खेलना उनकी फितरत थी। बम से उन्हें डर नहीं लगता था बल्कि जैसे ही पता चलता कि कहीं बम है तो तुरंत भागे-दौड़े जाते और बम को डिफ्यूज करते। यह कहानी नहीं, हकीकत है उस जवान की, जो अंतिम दम तक बम से ही खेलता रहा और बम डिफ्यूज करते ही जंगलवार कॉलेज का यह हीरो शहीद हो गया।
जंगलवार कॉलेज के बम विशेषज्ञ नरेंद्र सिंह बुधवार सुबह 8 बजे डीएसपी रैंक के कुछ नव प्रशिणक्षार्थियों को बम की तकनीक समझा रहे थे। डेमो के लिए उन्होंने जीवित बम फेंका जिसे फटना था, लेकिन नहीं फटा। उसे देखने के लिए नरेंद्र बम की ओर बढ़े और जैसे ही झुके बम फट गया।
स्प्रिंटर तेजी से निकलकर उनके दाहिनी आंख से होते हुए सिर में जा घुसा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल नरेंद्र सिंह को तत्काल शासकीय कोमलदेव जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दोपहर दो बजे पोस्टमार्टम के बाद उनका शव हेलिकॉप्टर से गृहग्राम डिडवाना,नागौर (राजस्थान) भेज दिया गया।

Wednesday, 11 May 2016

डीजल नहीं मिला बाड़ी से पर कमाई हो रही है झाड़ी से

डीजल नहीं मिला बाड़ी से पर कमाई हो रही है झाड़ी से
डीजल नहीं मिला बाड़ी से पर कमाई हो रही है झाड़ी से
लंदन से न खाड़ी से, अब डीजल मिलेगा बाड़ी से, इस नारे के पुरजोर प्रचार के साथ छत्तीसगढ़ में रतनजोत से डीजल बनाने के दावे किए थे, जो अब हवा हो गए हैं। हालत यह है कि राज्य में बड़े पैमाने पर झाड़ी नुमा रतनजोत के तेल देने वाले बीज का उत्पादन हो रहा है, लेकिन यहां उसे कोई पूछने वाला नहीं है। नतीजतन रतनजोत के बीज अब पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र, ओडीशा, मध्यप्रदेश से लेकर राजस्थान तक के व्यापारी खरीद रहे हैं, वहां इनसे तेल निकालकर बायोडीजल बनाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक रूप से मौजूद रतनजोत का बड़े पैमाने पर उत्पादन करने के लिए सरकार ने करीब 10 साल पहले 3 करोड़ से अधिक पौधे प्रदेश भर में रोपे। इनमें से आधे पौधे बचे हैं, लेकिन इनसे इतनी अधिक मात्रा में बीज निकल रहा है कि इसे यहां के व्यापारियों ने पड़ोस के चार राज्यों में बेचना शुरू कर दिया है। यह धंधा पिछले कई सालों से चल रहा है। राज्य सरकार ने इतने सालों में इस बीज से बायोडीजल बनाने के लिए न तो खुद कोई प्रयास किया और न ही प्राइवेट सेक्टर को यहां प्लांट लगाने के लिए आमंत्रित कर पाई। इस प्रोजेक्ट पर सरकार करोड़ो रूपए फूंक चुकी है।
रतनजोत का पड़ोसी राज्यों में निर्यात करने वाले व्यापारियों के मुताबिक प्रदेश में 30 हजार टन से अधिक मात्रा में रतनजोत का बीज पैदा होता है। चूंकि प्रदेश में केवल एक प्लांट है जिसकी क्षमता 3 टन प्रति दिन है। सरकार इसके लिए केवल 500 टन रतनजोत खरीदती है। बाकी रतनजोत पड़ोस के राज्यों में निर्यात करना पड़ता है।

Wednesday, 4 May 2016

बतौली में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में 80 लाख की चोरी

बतौली में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में 80 लाख की चोरी
बतौली में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में 80 लाख की चोरी
सरगुजा जिले में नेशनल हाइवे क्रमांक 43 में स्थित बतौली ब्लॉक मुख्यालय की भारतीय स्टेट बैंक ब्रांच में लगभग 80 लाख की चोरी हो गई।
जानकारी के अनुसार चोरों ने गैस कटर से ग्रील काटकर बैंक में प्रवेश किया।ताजा जानकारी के मुताबिक 16 लाख नकद और गोल्ड लोन योजना के लिए रखे गए करीब 60 लाख के सोने की चोरी हुई है।
आज सुबह 10.30 बजे बैंक कर्मी बैंक पहुंचे तब बैंक में चोरी की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। बैंक को जांच होने तक सील कर दिया गया है। सरगुजा पुलिस अधीक्षक आरएस नायक भी बतौली रवाना हो गए हैं। डॉग स्क्वायड की टीम भी जिला मुख्यायल से रवाना हो गई ।बैंक में चोरी की वारदात से सनसनी का माहौल है।

Monday, 2 May 2016

मंत्री अजय चंद्राकर ने रेंजर से कहा- तुमको मार डालूंगा

मंत्री अजय चंद्राकर ने रेंजर से कहा- तुमको मार डालूंगा
मंत्री अजय चंद्राकर ने रेंजर से कहा- तुमको मार डालूंगा
जनकपुर (कोरिया) में लोक सुराग अभियान के दौरान राज्य के कद्दावर कैबिनेट मंत्री अजय चंद्राकर एक रेंजर को जान से मारने की धमकी देकर फिर विवादों में फंस गए हैं। मंत्री चंद्राकर फॉरेस्ट एसडीओ के कार्यक्रम में नहीं पहुंचने से नाराज थे। मंत्री चंद्राकर से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने ऐसी किसी भी घटना से इंकार कर दिया। उनका कहना है- 'मैं ऐसा बोल ही नहीं सकता।' मंत्री का धमकीभरा यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है।
जानकारी के अनुसार लोक सुराज अभियान के तहत रविवार को जनकपुर में जनसभा का आयोजन किया गया। इसमें मंत्री चंद्राकर विभिन्न् विभागों की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान वन अधिकार पट्टा को लेकर मिली शिकायतों की जानकारी के लिए सभा में वन विभाग के अफसर को तलब किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि वन विभाग के एक रेंजर को बुला कर मंच पर बैठाया जाता है और माइक दे दिया जाता है। मंत्री चंद्राकर माइक पर ही वन अधिकार पट्टा और तेेंदूपत्ता बोनस वितरण के संबंध में सवाल करते हैं।

Monday, 11 April 2016

दंतेवाड़ा में मुठभेड़ के दौरान एक नक्सली घायल

दंतेवाड़ा में मुठभेड़ के दौरान एक नक्सली घायल
दंतेवाड़ा में मुठभेड़ के दौरान एक नक्सली घायल
जिले के कटेकल्याण थाना अंतर्गत कनकीपारा में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में एक नक्सली घायल हो गया। घायल नक्सली को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। घायल नक्सली का नाम पाण्डु बताया गया है, जो नक्सलियों की 24 नंबर प्लाटून का सदस्य है। वह मेलवाड़ा में सीआरपीएफ जवानों को निशाना बनाकर किए गए धमाके में शामिल था। जिससे वारदात के कई राज खुल सकते हैं।
डीआरजी और जिला बल की कार्रवाई में यह नक्सली पकड़ाया। गोली उसकी पिंडली को चीरते हुए बाहर निकल गई। सूचना मिलते ही एडिशन एसपी भी मौके पर पहुंच गए। मुठभेड़ स्थल से एक भरमार बंदूक और तीर-धनुष भी बरामद किए गए हैं।

Monday, 4 April 2016

बस्तर में हर तीन किमी पर बारुदी सुरंग


बस्तर में हर तीन किमी पर बारुदी सुरंग
बस्तर में हर तीन किमी पर बारुदी सुरंग
छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों ने जवानों पर अटैक करने के लिए सीधी लड़ाई की जगह बारुदी सुरंग से हमले की रणनीति बनाई है। हाल ही में नक्सलियों ने बारुदी सुरंग विस्फोट कर सात जवानों की हत्या कर दी। इसके बाद सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस ने प्रारंभिक जांच की, उसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
बस्तर के अंदरुनी इलाकों में नक्सलियों ने हर तीन किलोमीटर पर एक बारुदी सुरंग बिछाई है। छत्तीसगढ़ पुलिस के आला अधिकारियों के अनुसार अंदरुनी इलाकों में सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान बड़े पैमाने पर आईईडी बरामद हो रहे हैं। यह आईईडी एक किलो से लेकर दस किलो तक के हैं।

Friday, 1 April 2016

अंबिकापुर क्षेत्र में हाथी के हमले से तीन लोगों की जान गई

अंबिकापुर क्षेत्र में हाथी के हमले से तीन लोगों की जान गई
अंबिकापुर क्षेत्र में हाथी के हमले से तीन लोगों की जान गई
सूरजपुर जिले में आज हाथी ने हमला कर दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया । जानकारी के अनुसार मटिगढ़ा निवासी अनिल पिता रतन बरगाह उर्म लगभग 16 वर्ष व अतन साय पिता बैजनाथ जाति पैकरा उम्र लगभग 25 वर्ष गांव में ही करीब 1-2 बजे महुआ बीनने गये हुए थे । तभी अपने दल से बिछड़े हाथी ने अचानक आकर दोनों को मौके पर ही पटककर मार डाला ।इससे क्षेत्र में शौक का माहौल है ।
सूरजपुर वन परिक्षेत्र अन्तर्गत पलमा के महुआरी डाड़ में भी एक युवक को हाथी द्वारा मार डाला गया है । पलमा निवासी रामसागर पिता घुरन जाति कंवर 20 वर्ष अपने दो-तीन साथियों के साथ महुआ पहरा कर रहा था ।उसी दौरान हाथी ने रामसागर को अपनी चपेट में ले लिया और पटक कर मार डाला । बाकी साथियों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।

पीडीएस, धान खरीद में 591 करोड़ रुपए का घाटा

पीडीएस, धान खरीद में 591 करोड़ रुपए का घाटा
पीडीएस, धान खरीद में 591 करोड़ रुपए का घाटा
नियंत्रक महालेखापरीक्षक की रिपोर्ट में राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली, धान खरीद और कस्टम मिलिंग में करोड़ों की गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक अधिक मिलिंग दरों में भुगतान के कारण राज्य सरकार को करीब 591 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसके अलावा धान के भंडारण में लापरवाही के चलते भी 278 करोड़ 36 लाख की क्षति का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2014-15 के दौरान राज्य सरकार राजकोषीय घाटा नियंत्रित रखने में भी असफल रही। जिसके चलते घाटा बढ़कर 9500 करोड़ रुपए हो गया।
कैग के प्रतिवेदन में यह तथ्य भी सामने आया है कि पिछले पांच बरस में प्रति व्यक्ति कर्ज में लगभग 74 फीसदी का इजाफा हुआ। महालेखाकार बीके मोहंती ने सदन पटल में सीएजी की रिपोर्ट रखने के बाद आयोजित पत्रवार्ता में बताया कि वर्ष 2014-15 के दौरान सकल राज्य घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 13 वे वित्त आयोग में किए गए 12.50 प्रतिशत के प्रावधान के विस्र्द्ध 13.20 फीसदी रही। इसी दौरान राज्य को राजस्व घाटा 1573 करोड़ स्र्पए हुआ।

Tuesday, 22 March 2016

राजधानी के उद्योग और खेती इलाके का भूमिजल पीने के लायक नहीं

राजधानी के उद्योग और खेती इलाके का भूमिजल पीने के लायक नहीं
राजधानी के उद्योग और खेती इलाके का भूमिजल पीने के लायक नहीं
रायपुर के औद्योगिक इलाके उरला और खेतीबाड़ी वाले क्षेत्र भाटागांव का भूजल पीने के लायक नहीं है। भाटागांव के भूमिजल में जहां 60 फीसदी से अधिक सैंपल में लवणता मानक से अधिक मिली है वहीं औद्योगिक इलाके उरला के भूमि जल में खनिज खुलने से पानी के खारेपन और टीडीएस यानी कुल घुलित ठोस की मात्रा अधिक है।
यह दावा किया जा रहा है पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के भूगोल अध्ययनशाला की ओर से किए गए अध्ययन में। अनुसंधानकर्ता डॉ. केएन प्रसाद, डॉ.एनके बाघमार, डॉ. दुर्गापद कुइति और शोधार्थी संजीव प्रमानिक के इस शोध का प्रकाशन हाल ही में जनरल ऑफ एप्लाइड जियोकेमेस्ट्री हैदराबाद में प्रकाशित हुआ है।

Monday, 21 March 2016

नक्सलियों के अत्याचार के विरोध में फूटा ग्रामीणों का आक्रोश

नक्सलियों के अत्याचार के विरोध में फूटा ग्रामीणों का आक्रोश
नक्सलियों के अत्याचार के विरोध में फूटा ग्रामीणों का आक्रोश
नक्सलियों द्वारा बेगुनाह आम नागरिकों की निर्मम हत्या के विरोध और नक्सल पीड़ित ग्रामीणों के समर्थन में विशाल रैली निकाली गई।
इस रैली में हजारों की संख्या में ग्रामीण और नगरवासी शामिल हुए। सबने एक स्वर में नक्सलियों द्वारा किये जा रहे मासूम ग्रामीणों की हत्या की निंदा की । पुनर्वास योजना के माध्यम से विस्थापित ग्रामीणों ने विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित होने के लिए जिला कलेक्टर नारायणपुर को ज्ञापन सौंपा।
जानकारों का कहना है कि नारायणपुर में पहली बार इतनी बड़ी रैली से पता चलता है कि लोगों में नक्सलवाद का भय समाप्त हो गया है । अबूझमाड़ के ग्रामवासी भी अब खुलकर शासन के साथ विकास के समर्थन में आ गए हैं। इसे अबूझमाड़ के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया जा रहा है।

Friday, 18 March 2016

सीबीआई के लिए आसान नहीं झीरम हमले की जांच

सीबीआई के लिए आसान नहीं झीरम हमले की जांच
सीबीआई के लिए आसान नहीं झीरम हमले की जांच
झीरम घाटी में कांग्रेस के काफिले पर नक्सली हमले की सीबीआई जांच की घोषणा भले ही सरकार ने कर दी है, लेकिन सीबीआई किस तरह जांच कर पाएगी यह कहना अभी मुश्किल है। सीबीआई की अपराध अनुसंधान प्रणाली के जानकारों के मुताबिक वारदात के तीन साल बाद झीरम घाटी से जुड़े सभी साक्ष्यों को सिलसिलेवार एकत्र करना, अपराधियों को पकड़ना और एक विस्तृत अभियोग पत्र तैयार करना सीबीआई के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
छत्तीसगढ़ में दशकों से चल रहे नक्सली वारदातों के बीच ऐसे अवसर कम ही आए हैं जब सीबीआई जैसी संस्था को जांच सौंपी गई। करीब पांच साल पहले बस्तर के ही ताड़मेटला में हुई आगजनी की घटना की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी, लेकिन यह जांच अब तक पूरी नहीं हो पाई है। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार जांच पूरी न होने के पीछे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सीबीआई अब तक इस अपराध से जुड़े साक्ष्य एकत्र नहीं कर पाई है।