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Monday, 6 June 2016

जनपितूरी सप्ताह के दौरान नक्सल उत्पात, तीन स्थानों पर मुठभेड़

जनपितूरी सप्ताह के पहले दिन रविवार को नक्सलियों ने जमकर उत्पात मचाया। तीन स्थानों पर मुठभेड़ हुई, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ। वहीं नक्सली दहशत के चलते अंदरूनी इलाकों में बसें नहीं चलीं। रेल प्रशासन ने भी एहतियातन किरंदुल से वाल्टेयर पैसेंजर बंद कर दिया है
पहली घटना में हाकवा के जंगल में पुलिस पर नक्सलियों ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई के बाद वे भाग खड़े हुए। इस दौरान नक्सलियों द्वारा बारूदी विस्फोट भी किया गया जिसमें जवान बाल-बाल बचे। इस मुठभेड़ में एक नक्सली को मार गिराने का दावा भी किया जा रहा है, जिसे नक्सली अपने साथ ले जाने में कामयाब हो गए। दूसरी ओर उसूर से निकली पार्टी के साथ पेरमपल्ली नाले के पास मुठभेड़ हुई।
नक्सली तो भाग गए परंतु घटनास्थल से पाइप बम, कोर्डेक्स वायर, वर्दी, बैनर, साहित्य और अन्य सामग्रियां बरामद की गई हैं। दंतेवाड़ा जिले के सुरनार जंगल के पास सर्चिंग पार्टी पर नक्सलियों ने गोलीबारी की। जवानों ने भी जवाब में गोलियां चलाई जिसमें एक नक्सली के घायल होने की खबर है।

Friday, 13 May 2016

माओवादियों ने रायनार के पास यात्री बस रोकी

माओवादियों ने रायनार के पास यात्री बस रोकी
माओवादियों ने रायनार के पास यात्री बस रोकी
अबूझमाड़ के ओरछा मार्ग पर रायनार के पास हथियार बंद 25 से 30 माओवादियों ने सुबह करीब 6 बजे यात्री बस को रोका।
नक्सलियों ने इसके बाद बस की तलाशी लेकर बस के सामने अपना बैनर बांध दिया। नक्सलियों ने आमदई घाटी की लौह अयस्क खदान को लेकर अपना विरोध जताया है।
बैनर में ग्रीन हंट आपरेशन बंद करने और बस्तर में हवाई हमले का विरोध किया गया है। माओवादियों द्वारा करीब 1 घंटे तक बस को रोकने के कारण यात्री दहशत में रहे । इस घटना के बाद दहशत के कारण अबूझमाड़,ओरछा निकलने वाली अन्य यात्री बस मुख्यालय नहीं पहुंच पाई।

Monday, 4 April 2016

बस्तर में हर तीन किमी पर बारुदी सुरंग


बस्तर में हर तीन किमी पर बारुदी सुरंग
बस्तर में हर तीन किमी पर बारुदी सुरंग
छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों ने जवानों पर अटैक करने के लिए सीधी लड़ाई की जगह बारुदी सुरंग से हमले की रणनीति बनाई है। हाल ही में नक्सलियों ने बारुदी सुरंग विस्फोट कर सात जवानों की हत्या कर दी। इसके बाद सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस ने प्रारंभिक जांच की, उसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
बस्तर के अंदरुनी इलाकों में नक्सलियों ने हर तीन किलोमीटर पर एक बारुदी सुरंग बिछाई है। छत्तीसगढ़ पुलिस के आला अधिकारियों के अनुसार अंदरुनी इलाकों में सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान बड़े पैमाने पर आईईडी बरामद हो रहे हैं। यह आईईडी एक किलो से लेकर दस किलो तक के हैं।

Monday, 21 March 2016

नक्सलियों के अत्याचार के विरोध में फूटा ग्रामीणों का आक्रोश

नक्सलियों के अत्याचार के विरोध में फूटा ग्रामीणों का आक्रोश
नक्सलियों के अत्याचार के विरोध में फूटा ग्रामीणों का आक्रोश
नक्सलियों द्वारा बेगुनाह आम नागरिकों की निर्मम हत्या के विरोध और नक्सल पीड़ित ग्रामीणों के समर्थन में विशाल रैली निकाली गई।
इस रैली में हजारों की संख्या में ग्रामीण और नगरवासी शामिल हुए। सबने एक स्वर में नक्सलियों द्वारा किये जा रहे मासूम ग्रामीणों की हत्या की निंदा की । पुनर्वास योजना के माध्यम से विस्थापित ग्रामीणों ने विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित होने के लिए जिला कलेक्टर नारायणपुर को ज्ञापन सौंपा।
जानकारों का कहना है कि नारायणपुर में पहली बार इतनी बड़ी रैली से पता चलता है कि लोगों में नक्सलवाद का भय समाप्त हो गया है । अबूझमाड़ के ग्रामवासी भी अब खुलकर शासन के साथ विकास के समर्थन में आ गए हैं। इसे अबूझमाड़ के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया जा रहा है।

Wednesday, 2 March 2016

जगदलपुर क्षेत्र में 23 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

जगदलपुर क्षेत्र में 23 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
जगदलपुर क्षेत्र में 23 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभा‍वित होकर बड़ी संख्या में नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण किया जा रहा है। आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों को सामाजिक सम्मान के साथ नया जीवन और कारोबार शुरू करने के लिए पर्याप्त सहायता भी दी जा रही है।

इसी तरह के मामले में आज 23 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। समर्पित नक्सली तोंगपाल के कुम्बकोलेंग इलाके के बताए जा रहे हैं।

नक्सलियों ने बस्तर आईजी, एसपी और कलेक्टर के सामने समर्पण किया। जानकारी के अनुसार सभी नक्सली 2004 से सक्रिय थे। वे कई घटनाओं में शामिल रहे हैं।इनमें से तीन माओवादियों पर एक-एक लाख रूपये का इनाम भी घोषित किया गया था।