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Thursday, 26 May 2016

भीषण सूखे ने 14 साल बाद कराए शिवलिंग के दर्शन

भीषण सूखे ने 14 साल बाद कराए शिवलिंग के दर्शन
भीषण सूखे ने 14 साल बाद कराए शिवलिंग के दर्शन
भीषण गर्मी के चलते ब्लॉक के बेलरगांव से 10 किलोमीटर दूर दुधावा बांध के डूब क्षेत्र देवखुंट पारा में प्राचीन पुरातत्व देऊर मंदिर के भीतर स्थापित शिवलिंग का दर्शन 14 साल बाद हो रहे हैं। शिवलिंग के दर्शन करने बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं। मालूम हो कि नगरी-सिहावा क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर पुरातत्व महत्व के अनेक मंदिर और प्रतिमाएं मौजूद हैं।
वर्षभर दुधावा बांध के पानी के भीतर देवखुंटपारा का पुरातत्व देऊर मंदिर डूबा रहता है। हर वर्ष यह मंदिर गर्मी के दिनों में लोगों को दिखता जरुर था परंतु मंदिर के भीतर गर्भगृह में स्थित शिवलिंग का दर्शन नहीं हो पाते थे। 14 साल बाद इस साल लोगों को भगवान शिव के दर्शन हो रहे हैं। यहां पूरा मंदिर पत्थरों एक-दूसरे के उपर रखकर बनाया गया है।
कहीं पर भी जोड़ने के लिए किसी सामग्री का उपयोग नहीं किया गया है। मंदिर की प्राचीनता के विषय में बेलर के शंभु साहू एवं मौर्यध्वज सेन ने बताया कि यह मंदिर लगभग 10वीं सदी का है। जनश्रुति के अनुसार छैमासी अंधेरे पक्ष में इसका निर्माण किया गया था। नगरी क्षेत्र के कर्णेश्वर में स्थित सूर्य मंदिर एवं देवखुंट मंदिर की निर्माण कला में समानता देखने को मिलती है। जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों मंदिर एक ही काल में निर्मित हुए होंगे। देऊरमंदिर के पास ही अन्य मंदिर भी थे, जो ढह चुके हैं। उनके अवशेष यहां-वहां बिखरे पड़े हैं।