Monday, 30 May 2016

खुदाई में मिली 5वीं सदी की ईंटें, शिवलिंग और भवन के भग्नावशेष

जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर ग्राम पंचायत देवरी में पुरातत्व विभाग द्वारा की जा रही खुदाई में 5वीं सदी से लेकर 12वीं सदी तक की ईंटेंए भवन के भग्नावशेष और अन्य ऐतिहासिक वस्तुएं मिली हैं। कुल ढ़ाई हजार की आबादी वाले इस गांव की मिट्टी ने अपने अंदर सैकड़ों वर्षों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक साक्ष्यों को छिपा रखा था, जिसे अब पुरातत्वेत्ता खोद-खोद कर निकाल रहे हैं।
इस तरह सामने आया इतिहास
गांव के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में अधिष्ठात्री देवी मां महामाया का निवास स्थान है जो आसपास के स्थान से कुछ ऊंचा है। इसी के पास से वर्षों से कई प्रकार की प्राचीन प्रतिमाएं प्राप्त होती रही हैं। इसी कारण गांव के कुछ लोगों को लगा कि हो न हो यहां किसी जमाने में रखा हुआ खजाना होगा और इस प्रकार चोरी-छिपे खुदाई और चोरी का सिलसिला चल पड़ा। गांव के कुछ सयाने और बुजुर्गों की पहल पर चोरी की बात थाने तक पहुंची और चूंकि उस समय पास में डमरू में खुदाई का कार्य चल रहा था अतः तात्कालीन थानेदार ने वहां पहुंच पुरातत्व विभाग के लोगों से स्थल निरीक्षण करने की बात कही। इस तरह बात पुरातत्व विभाग तक बात पहुंची। पुरातत्व विभाग ने खुदाई का प्रस्ताव पहले राज्य फिर केन्द्र सरकार को भेजकर प्रशासनिक मंजूरी ली। यहां 15 मई से खुदाई का कार्य प्रारंभ किया गया।

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