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Friday, 20 May 2016

सिंहस्थ से लौट रही कार हुई दुर्घटनाग्रस्त, पांच लोगों की मौत

सिंहस्थ से लौट रही कार हुई दुर्घटनाग्रस्त, पांच लोगों की मौत
सिंहस्थ से लौट रही कार हुई दुर्घटनाग्रस्त, पांच लोगों की मौत
उज्जैन सिंहस्थ से स्नान कर रतलाम लौेटते समय कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई।इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार प्रात: 6 बजे के लगभग बड़नगर उज्जैन मार्ग पर ग्राम मौलाना के निकट कार एमपी 43 सी 4284 का संतुलन बिगड़ने से वह पलट गई। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया । घायल को उपचार हेतु इंदौर भेजा गया है।
पुलिस एएसआई सत्येंद्र सिंह चौधरी ने बताया के गाड़ी के चालक द्वारा रांग साइड से ओवर टेक करने के दौरान संतुलन बिगड़ने से गाड़ी पुलिया से टकराकर नाले में गिर गई । तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो घायलों की बड़नगर चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हुई ।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्घटना में घायल रूद्राक्ष पिता मनमोहन दवे 13 वर्ष निवासी रतलाम को गंभीर रूप से घायल अवस्था में इंदौर भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि मृत लोगों में आशा शर्मा पति रवींद्रकुमार 60 वर्ष निवासी इंदिरा नगर रतलाम ,प्रभा दवे पति प्रेम दवे 50 वर्ष देवनारायण नगर रतलाम तथा अभय मिश्रा पिता देवनाथ मिश्रा 15 वर्ष निवासी माता मंदिर के पास रतलाम शामिल हैं।

Monday, 16 May 2016

साढ़े साती का मतलब कोर्ट में कर्मों की फाइल खुलना : दाती महाराज

साढ़े साती का मतलब कोर्ट में कर्मों की फाइल खुलना : दाती महाराज
साढ़े साती का मतलब कोर्ट में कर्मों की फाइल खुलना : दाती महाराज
शनिदेव न किसी के मित्र हैं और ना ही शत्रु। वे तो न्यायाधिपति हैं। साढ़े साती का मतलब है न्यायाधिपति की कोर्ट में आपके कर्मों की फाइल खुलना। अगर कर्म अच्छे हैं तो सब अच्छा होगा और बुरे तो बुरा। इसलिए साढ़े साती या ढैया से डरने की जरूरत नहीं। बस अच्छे कर्म करिए। कुछ भी अहित नहीं होगा।
यह कहना है शनिदेव के भक्त दाती महाराज का। उन्होंने कहा कि शनि, कर्म, धर्म, गति व शुभ देने वाले ग्रह हैं। यदि जीवन में कर्म बुरे किए हैं तो सजा भुगतने के लिए तैयार रहें। कोई पूजा पाठ या तेल चढ़ावा काम नहीं आने वाला है, क्योंकि महाराज की अदालत में न्याय कर्म के आधार पर ही होता है। शनि उन भक्तों को पसंद करते हैं, जो राष्ट्र और नारी का सम्मान करें। माता-पिता की सेवा करें व कुकर्मों से दूर रहें। ऐसे भक्त ही शनि को प्यारे लगते हैं।

सिंहस्थ में जाने पर अड़ीं प्रज्ञा ठाकुर, अस्पताल में अनशन

सिंहस्थ में जाने पर अड़ीं प्रज्ञा ठाकुर, अस्पताल में अनशन
सिंहस्थ में जाने पर अड़ीं प्रज्ञा ठाकुर, अस्पताल में अनशन
2008 मालेगांव बम ब्लास्ट में पिछले दिनों क्लिन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने उज्जैन सिंहस्थ महाकुंभ में जाने की रट लगाई है। उज्जैन जाने की मांग को लेकर प्रज्ञा ने यहां पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
प्रज्ञा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उन्हें उज्जैन सिंहस्थ में जाने की अनुमति नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। उल्लेखनीय है कि प्रज्ञा कैंसर से पीड़ित हैं। उन्होंने दवाइयां लेने से मना किया है। वहीं इस मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।
करीब सात सालों से जेल में बंद प्रज्ञा को कैंसर के उपचार के लिए कोर्ट ने अस्पताल में रहने की अनुमति प्रदान की है। प्रज्ञा ने कल पत्र लिखकर राज्य सरकार से सिहंस्थ में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने राज्यपाल और राष्ट्रपति को भी पत्र लिखा है।

Wednesday, 11 May 2016

भाजपा अध्यक्ष ने शिप्रा में लगाई डुबकी, कहा-सिंहस्थ से सद्भाव बढ़े

भाजपा अध्यक्ष ने शिप्रा में लगाई डुबकी, कहा-सिंहस्थ से सद्भाव बढ़े
भाजपा अध्यक्ष ने शिप्रा में लगाई डुबकी, कहा-सिंहस्थ से सद्भाव बढ़े
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का कहना है कि कुंभ लोगों को एक दूसरे से जोड़ने का माध्यम है। यही कामना है कि सिंहस्थ महाकुंभ के जरिए देश में सद्भाव और वसुदेव कुटुंबकम की भावना मजबूत हो और सबका कल्याण हो। शाह ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी जी महाराज,महामंडलेश्चर अवधेशानंद, मुख्यमंत्री, भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान और बड़ी संख्या में साधु-संतों के साथ शिप्रा में डुबकी लगाई। भाजपा अध्यक्ष और अन्य नेताओं ने साधु संतों के साथ बैठकर भोजन भी किया।
यहां वाल्मीकि धाम में आयोजित कार्यक्रम में साधु-संतों को सम्मानित करने के बाद श्री शाह ने कहा कि कुंभ ऐसा आयोजन है जिसमें एक समय और एक ही स्थान पर बिना किसी आमंत्रण के लाखों लोग पुण्य लाभ के लिए पहुंचते हैं। शाह ने कहा कुंभ का निमंत्रण किसी को नहीं दिया जाता, कुंभ एक आश्चर्य देने वाली घटना है। कुंभ में ईश्वर व्यवस्था करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री की ओर से भी संतों को प्रणाम किया। इस दौरान उन्होंने सनातन धर्म और देश की संस्कृति का भी उल्लेख किया।शाह ने कहा कि यहां स्नान के साथ उनके चार कुंभ पूर्ण हो गए।

Friday, 6 May 2016

आपदा पर भारी पड़ी आस्था, सिंहस्थ में पर्व स्नान पर उमड़े श्रद्धालु

आपदा पर भारी पड़ी आस्था, सिंहस्थ में पर्व स्नान पर उमड़े श्रद्धालु
आपदा पर भारी पड़ी आस्था, सिंहस्थ में पर्व स्नान पर उमड़े श्रद्धालु
सिंहस्थ मेले में गुरुवार को आई आंधी-बारिश से हुई तबाही पर शुक्रवार सुबह शुरू हुए पर्व स्नान पर आस्था भारी पड़ी, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिप्रा तट पर स्नान का पुण्य प्राप्त किया। हजारों की संख्या में रामघाट सहित अन्य घाटों पर उमड़े श्रद्धालुओं को देखकर यह नहीं लग रहा है कि कल ही सिंहस्थ में उन्हें एक बड़ी आपदा का सामना करना पड़ा।
सीएम शिवराज सिंह चौहान अल सुबह 4 बजे उज्जैन पहुंचे और उन्होंने सबसे पहले सर्किट हाउस पहुंचकर घायलों और नदी के घाटों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने जिला अस्पताल पहुंचकर मृतकों के परिजनों एवं घायलों से चर्चा की और उनके शीघ्र दुरूस्त होने कामना की।

Tuesday, 26 April 2016

घर-घर जाकर नेग मांगने वाले यहां बांट रहे बरकत

घर-घर जाकर नेग मांगने वाले यहां बांट रहे बरकत
घर-घर जाकर नेग मांगने वाले यहां बांट रहे बरकत
ये न पारंपरिक साधु हैं न संन्यासी। कोई तामझाम भी नहीं। फिर भी भीड़ ऐसी, जो सिंहस्थ के सेलिब्रिटी संतों को भी मात दे रही है। आशीर्वाद मांगने के लिए लंबी कतार, घंटेभर बाद करीब जाने का मौका। ये सब हो रहा है मेला क्षेत्र के एक कोने में लगे किन्नर अखाड़े में। महंगी कार में आने वाले से लेकर सिर पर पोटली रख कर आने वाला ठेठ गांव का बंदा यहां आशीर्वाद लेते देखा जा सकता है।
किन्नर को लेकर अमूमन यही आम धारणा रहती है कि तीज त्योहार, परिवार में शादी ब्याह, संतान होने पर नेग मांगने वाला एक समुदाय, लेकिन सिंहस्थ में इस अखाड़े की तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है। यहां आशीर्वाद पाने के लिए आने वाले खुद बरकत लेकर जा रहे हैं।