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| साढ़े साती का मतलब कोर्ट में कर्मों की फाइल खुलना : दाती महाराज |
शनिदेव न किसी के मित्र हैं और ना ही शत्रु। वे तो न्यायाधिपति हैं। साढ़े साती का मतलब है न्यायाधिपति की कोर्ट में आपके कर्मों की फाइल खुलना। अगर कर्म अच्छे हैं तो सब अच्छा होगा और बुरे तो बुरा। इसलिए साढ़े साती या ढैया से डरने की जरूरत नहीं। बस अच्छे कर्म करिए। कुछ भी अहित नहीं होगा।
यह कहना है शनिदेव के भक्त दाती महाराज का। उन्होंने कहा कि शनि, कर्म, धर्म, गति व शुभ देने वाले ग्रह हैं। यदि जीवन में कर्म बुरे किए हैं तो सजा भुगतने के लिए तैयार रहें। कोई पूजा पाठ या तेल चढ़ावा काम नहीं आने वाला है, क्योंकि महाराज की अदालत में न्याय कर्म के आधार पर ही होता है। शनि उन भक्तों को पसंद करते हैं, जो राष्ट्र और नारी का सम्मान करें। माता-पिता की सेवा करें व कुकर्मों से दूर रहें। ऐसे भक्त ही शनि को प्यारे लगते हैं।

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