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Thursday, 5 May 2016

यूपी ने ठुकराई केंद्र की 'वाटर एक्‍सप्रेस', कहा- जरूरत नहीं

यूपी ने ठुकराई केंद्र की 'वाटर एक्‍सप्रेस', कहा- जरूरत नहीं
यूपी ने ठुकराई केंद्र की 'वाटर एक्‍सप्रेस', कहा- जरूरत नहीं
प्यास तथा सूखे से तड़प रहे बुंदेलखंड पर राजनीति तेज हो गई है। बुधवार देर शाम झांसी पहुंची वॉटर एक्सप्रेस को उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के साथ मुख्य सचिव ने गैरजरूरी बता दिया है।
गुरुवार को कानपुर पहुंचे कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने इसे केंद्र सरकार की राजनीति करार दिया है। शिवपाल ने कहा कि बुंदेलखंड में पानी की समस्या नहीं है। केंद्र सरकार वहां ट्रेन से पानी भेजकर राजनीति कर रही है। शिवपाल ने कहा कि यह सच है कि बुंदेलखंड में पानी की जरा भी समस्या नहीं है। अगर जरुरत होगी तो हम पानी मांग लेंगे।
चुनाव को देखते हुए केंद्र सरकार को अब बुंदेलखंड की याद आ रही है। अब केंद्र सरकार वहां पर पानी भेजकर राजनीति कर रही है। शिवपाल ने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा बुंदेलखंड में सूखे पर कोई मदद नहीं मिली। राज्य सरकार ने बुंदेलखंड की पूरी मदद की है। अब केंद्र सरकार थोड़ा सा पानी भेजकर सियासत कर रही है।

Monday, 25 April 2016

गांवों में 1400 हैंडपंपों ने दम तोड़ा, मई में शहर पर भी संकट की आहट

गांवों में 1400 हैंडपंपों ने दम तोड़ा, मई में शहर पर भी संकट की आहट
गांवों में 1400 हैंडपंपों ने दम तोड़ा, मई में शहर पर भी संकट की आहट
जिले के अधिकांश गांवों में पेयजल का जरिया हैंडपंप ही हैं, लेकिन भूमिगत जल स्तर गिरने से लगभग 1400 हैंडपंप दम तोड़ चुके हैं। शहर में नर्मदा जल से काम चल रहा है। जिन इलाकों में ट्यूबवेल से सप्लाई है, वहां मई में संकट आ सकता है।
शहर में 5500 ट्यूबवेल हैं। इनसे 60 एमएलडी पानी मिलता है। कई जगह जलस्तर गिरने से इनमें पानी कम होता जा रहा है। शहर के 46 प्रतिशत हिस्से में ही पाइप लाइन बिछी है। बाकी हिस्से में पानी की सप्लाई के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। निगम के पास खुद के 52 टैंकर हैं। बढ़ती गर्मी को देखते हुए 108 अतिरिक्त टैंकर किराए पर लगा रखे हैं। इस तरह पूरे शहर में 160 टैंकर चल रहे हैं। देखा जाए तो एक वार्ड में औसतन दो टैंकर चल रहे हैं।

Wednesday, 13 April 2016

जल संकट में भी अनुशासन, न लड़ाई न झगड़ा, हर घर को बराबर पानी

जल संकट में भी अनुशासन, न लड़ाई न झगड़ा, हर घर को बराबर पानी
जल संकट में भी अनुशासन, न लड़ाई न झगड़ा, हर घर को बराबर पानी
भैंसदेही विधानसभा के धायवानी पंचायत के 900 की आबादी वाले टाकी गांव में पानी का भयंकर संकट है। गांव के दोनों हैंडपंप सूख चुके हैं। ग्रामीण रामकिशन चतुरकर और संजू ढहीकर ने बताया कि गांव के लोगों में अनुशासन ऐसा है कि पानी के लिए न लड़ाई न झगड़ा।
क्या बच्चे और क्या बूढ़े, सभी सुबह जंगल के बीच से पथरीला रास्ता तय कर प्यास बुझाने पानी का इंतजाम करने निकल जाते हैं। हर घर को बराबर पानी मिलता है। एक समय में एक साथ गांव के हर घर के लोग डेढ़ किमी दूर और 300 मीटर नीचे उतरकर एक नाले में बनी झिरिया (गड्ढे) से पानी भरने पहुंचते हैं। यह झिरिया भी 15 दिन में सूख जाएगी। सरपंच बाबूलाल जावलकर ने बताया कि पीएचई को पत्र लिखा है कि गांव मेंपानी परिवहन किया जाए।

Tuesday, 12 April 2016

लातूर पहुंची 'वाटर ट्रेन', लेकिन पानी के लिए अब भी करना होगा इंतजार

लातूर पहुंची 'वाटर ट्रेन', लेकिन पानी के लिए अब भी करना होगा इंतजार
पानी की कीमत क्या होती है, यह भयंकर सूखे से जूझ रहे महाराष्ट्र के लातूर के बाशिंदों से पूछा जा सकता है। मंगलवार सुबह पानी के दस टैंकर लेकर स्पेशल ट्रेन यहां पहुंची तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कई लोग तो इतना उत्साहित थे कि रात भर पटरियों पर बैठे रहे।
लेकिन, अभी भी स्थानीय लोगों को पानी के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। बता दें कि पानी लेकर लातूर पहुंची ट्रेन के वैगन को पाइप्स के जरिये खाली किया जा रहा है। फिर इस पानी को फिल्टर किया जाएगा जिसके बाद लोगों तक इसे पहुंचाया जाएगा।
इससे पहले, यह 'वाटर ट्रेन' सोमवार दोपहर मिराज स्‍टेशन से रवाना हुई थी। ट्रेन में 10 टैंकर लगे हैं जिनमें हर एक में 54 हजार लीटर पीने का पानी भरा हुआ है। यह पानी मिराज स्‍टेशन पर उजानी बांध से भरा गया है।