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| गांवों में 1400 हैंडपंपों ने दम तोड़ा, मई में शहर पर भी संकट की आहट |
जिले के अधिकांश गांवों में पेयजल का जरिया हैंडपंप ही हैं, लेकिन भूमिगत जल स्तर गिरने से लगभग 1400 हैंडपंप दम तोड़ चुके हैं। शहर में नर्मदा जल से काम चल रहा है। जिन इलाकों में ट्यूबवेल से सप्लाई है, वहां मई में संकट आ सकता है।
शहर में 5500 ट्यूबवेल हैं। इनसे 60 एमएलडी पानी मिलता है। कई जगह जलस्तर गिरने से इनमें पानी कम होता जा रहा है। शहर के 46 प्रतिशत हिस्से में ही पाइप लाइन बिछी है। बाकी हिस्से में पानी की सप्लाई के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। निगम के पास खुद के 52 टैंकर हैं। बढ़ती गर्मी को देखते हुए 108 अतिरिक्त टैंकर किराए पर लगा रखे हैं। इस तरह पूरे शहर में 160 टैंकर चल रहे हैं। देखा जाए तो एक वार्ड में औसतन दो टैंकर चल रहे हैं।

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