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Sunday, 26 June 2016

भारत बना MTCR का पूर्ण सदस्य, जानिये क्‍या होंगे इसके फायदे

भारत सोमवार को मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) का पूर्ण सदस्य बन गया है। तीन दिनों पहले एनएसजी की सदस्यता पाने में मिली असफलता के बाद किसी बहुपक्षीय निर्यात नियंत्रण व्यवस्था में भारत प्रवेश करेगा। चीन और कुछ अन्य देशों के तीव्र विरोध के कारण भारत एनएसजी का सदस्य नहीं बन सका था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि पिछले वर्ष इसके लिए अर्जी दी गई थी। सभी प्रक्रिया पूरी हो गई है और सोमवार को विदेश सचिव एस जयशंकर फ्रांस, नीदरलैंड और लक्समबर्ग के राजदूतों की मौजूदगी में दस्तावेज पर दस्तखत करेंगे।
जानिए, क्या है एमटीसीआर
1987 में समूह सात देशों सहित 12 विकसित देशों ने मिलकर अाणविक हथियार से युक्त प्रक्षेपास्त्रों के प्रसार को रोकने के लिए एक समक्षौता किया था जिसे मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) कहते हैं।
अप्रैल 1987 में स्थापित स्वैच्छिक एमटीसीआर का उद्देश्य बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र तथा अन्य मानव रहित आपूर्ति प्रणालियों के विस्तार को सीमित करना है जिनका रसायनिक, जैविक और परमाणु हमलों में उपयोग किया जा सकता है।

Monday, 20 June 2016

भारत की एनएसजी सदस्‍यता सि‍ओल समिट का एजेंडा नहीं : चीन

एनएसजी की सदस्‍यता प्राप्‍त करने की भारत की कोशिशों को चीन ने फिर से झटका दिया है। एक बयान जारी करते हुए चीन ने कहा है कि न्‍यूक्‍लीयर सप्‍लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में भारत की सदस्‍यता सि‍ओल समिट का एजेंडा नहीं है।
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्‍ता हुआ चिनयुंग ने अपने बयान में कहा है कि नॉन एनपीटी देशों की सदस्‍यता कभी भी एनएसजी बैठक का एजेंडा नहीं थी।
फिलहाल ग्रुप इस मुद्दे पर एकमत नहीं है और ऐसे में ग्रुप में नए देशों की एंट्री पर बात करना परिपक्विता नहीं होगी। मालूम हो कि पिछले कुछ दिनों में पीएम मोदी ने एनएसजी की सदस्‍यता प्राप्‍त करने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं।

Monday, 6 June 2016

स्विट्जरलैंड पहुंचे मोदी, राष्ट्रपति अम्मान से मुलाकात

अपनी पांच देशों की यात्रा के तीसरे पड़ाव के तहत सोमवार को पीएम मोदी स्विट्जरलैंड पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग को गहरा करने के लिए स्विस राष्ट्रपति योहान शींडर अम्मान के साथ बैठक की। बैठक के दौरान दोनों देशों के आपसी हित के मुद्दों पर बात की गई। इससे पहले पीएम मोदी ने शनिवार को अफगानिस्तान की यात्रा की थी। वह कतर की दो दिनों की यात्रा के बाद यहां पहुंचे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किया, 'जिनेवा, स्विट्जरलैंड के सुंदर शहर में कल रात आगमन के साथ ही प्रधानमंत्री की यात्रा के तीसरे पड़ाव की शुरुआत हो गई।'
ऐसी संभावना है कि पीएम मोदी स्विट्जरलैंड में भारतीयों के कालाधन का पता लगाने के लिए उनसे सहयोग मांगेंगे तथा 48 सदस्‍यीय न्‍यूक्लियर आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्‍यता के लिए भी वो स्विट्जरलैंड का सहयोग भी मांग सकते हैं।