Monday, 6 June 2016

भीषण जल संकट से बैतूल में धारा 144 लागू

माचना एनीकेट के सूखने के बाद धारा 144 के तहत निर्माण कार्यों पर लगी रोक बाद अभी तक जैसे-तैसे फिल्टर से हो रही जलापूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई। इसके साथ ही शहर के सभी वार्ड अब टैंकरों के भरोसे हो गए हैं। इधर नगर पालिका की समस्या यह है कि उसके पास ना तो पर्याप्त टैंकर हैं और ना ही पानी की ही समुचित व्यवस्था है। ऐसे में बैठकों के जरिए संकट का समाधान खोजने के प्रयास जारी है, लेकिन कोई ठोस उपाय निकलकर सामने नहीं आ पा रहा है।
पिछले 3 दिनों से नगर पालिका फिल्टर प्लांट से तय समय से 12-12 घंटे देरी से पानी की सप्लाई कर पा रही थी। अब माचना एनीकेट ने पूरी तरह से जवाब दे दिया है। शनिवार को शहर की टंकियां नहीं भर पाई और शहर के 18 वार्डों में पानी की सप्लाई नहीं हो पाई। इससे कोठीबाजार, कालापाठा, गंज, सदर क्षेत्र के 18 वार्डों में पानी की सप्लाई नहीं हुई। ऐसे में कई क्षेत्रों में 5-6 दिनों से नल नहीं आ रहे हैं। प्रशासन ने जलसंकट को देखते हुए धारा 144 के तहत निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है।
शहर में स्थित नपा के ट्यूबवेल भी जवाब देने लगे हैं। 15 ट्यूबवेल तो पूरी तरह से बंद हो चुके हैं। अन्य चालू ट्यूबवेल भी बंद होने की कगार पर पहुंचते जा रहे हैं। फिल्टर प्लांट के बंद हो जाने के बाद पूरा शहर टैंकरों के भरोसे हो गया है। इधर नगर पालिका के पास इतने संसाधन भी नहीं है कि वह पूरे शहर को टैंकरों से पर्याप्त पानी पहुंचा सके। नपा के पास खुद के 2 ट्रैक्टर है जबकि 5 किराए पर लिए हैं। इनसे फिल्टर प्लांट चालू रहने की स्थिति में 50 से 60 टैंकर पानी सप्लाई हो पा रहा था। अब पूरे शहर को कम से कम 200 टैंकर पानी रोज चाहिए।

No comments:

Post a Comment