Tuesday, 7 June 2016

छत्तीसगढ़िया "बैगन" अब होगा कीटमुक्त, बनाया नया कीटनाशक

छत्तीसगढ़ में बैगन सब्जी की खपत बहुत ज्यादा है। इसलिए यहां के किसान साल भर इसकी खेती करते हैं। लेकिन इस फसल में एक बड़ी परेशानी यह है कि 50 प्रतिशत से ज्यादा फसलों पर तना छेदक बीमारी लग जाती है। इसके कारण पैदावार घट जाती है। अब इन दोनों समस्याओं से किसानों को मुक्ति मिलने वाली है क्योंकि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के पीएचडी छात्र कृष्ण गनपत राव अम्बुरे ने केले के पत्ते को छांव में सूखाकर पाउडर बनाया और उसमें अन्य वस्तुओं का मिश्रण कर एक दवा इजाद की है।
अम्बुरे का दावा है कि इसके छिड़काव से कीट प्रकोप कम होंगे और पैदावार ज्यादा होगी। इससे फसल में डाली जाने वाली दवाई की मात्रा भी कम हो जाएगी। इस तरह फसल की पैदावार बंफर होगी। राज्य के 30 हजार से ज्यादा हेक्टेयर पर प्रतिवर्ष 586 हजार मैट्रिक टन बैगन का उत्पादन होता है। इस तरह देश में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात, बिहार, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बाद आठवें स्थान पर छत्तीसगढ़ का स्थान आता है।

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