हरियाणा में जाट एक बार फिर आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर हैं। हालांकि इस बार प्रशासन पिछली गलतियों से सबक लेते हुए पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। हरियाणा से सटे दिल्ली के बाहरी इलाकों में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने भी कमर कस ली है। इसके लिए दिल्ली पुलिस आज शाम से दिल्ली-हरियाणा बार्डर पर धारा 144 लागू करने जा रही है जिसके बाद बड़ी संख्या में इकट्ठा होना प्रतिबंधित होगा।
आपको बताते हैं जाट आंदोलन को लेकर अबतक हुई 10 बड़ी बातें...
1. दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के कई इलाकों में धारा 144 लागू करने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि पिछली बार जाट आंदोलन के दौरान दिल्ली के मुखर्जी नगर और नजफगढ़ इलाकों में भी जाटों ने उग्र प्रदर्शन किया था।
2. जाट प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि इस बार ना तो वो हाइवे जाम करेंगे और ना ही रेलवे सेवा को बाधित करेंगे और शहरों से दूर रहेंगे। लेकिन उन्होंने ये चेतावनी भी दी है कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो वो इस आंदोलन को आगे भी बढ़ा सकते हैं।
3. आंदोलन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल के 7000 जवान हरियाणा पुलिस की मदद के लिए पहुंच चुके हैं जो हाईवे, रेलवे स्टेशन, रेलवे ट्रैक, महत्वपूर्ण सरकारी भवनों और अधिकारियों के अलावा सार्वजनिक जगहों की सुरक्षा करेंगे। हरियाणा के कुछ जिलों जैसे रोहतक, झज्जर, सोनीपत, जींद, भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, पानीपत और कैथल को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
4. ऑल इंडिया जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने इस आंदोलन की शुरूआत की है लेकिन कुछ जाट समूह और उनके नेतृत्व ने इस आंदोलन से खुद को अलग कर रखा है।
5. मुनक नहर की सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की टुकड़ी को तैनात किया गया है।
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