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Thursday, 19 May 2016

ये अनोखी बात अभी तक थी अज्ञात

ये अनोखी बात अभी तक थी अज्ञात
ये अनोखी बात अभी तक थी अज्ञात
हिंदू पुराणों में उल्लेख मिलता है कि भगवान विष्णु यानी श्रीहरि भगवान भोलेनाथ को एक अनोखा उपहार देना चाहते थे। और यह उपहार बिना नृसिंह अवतार लिए संभव नहीं था।
नृसिंह भगवान ने हिरण्यकशिपु का वध कर दिया लेकिन उनका क्रोध शांत नहीं हो रहा था। भयभीत कर देने वाले इस स्वरूप से नृसिंह भगवान संसार का अंत करने के लिए आतुर हो रहे थे। यह भगवान नृसिंह की एक लीला थी।
इस लीला से तीनों लोक भयभीत थे। ऐसी विषम परिस्थिति देख देवता और देवगण भोलेनाथ के पास पहुंचे। तब शिव ने अपने अंश से उत्पन्न वीरभद्र से कहा कि नृसिंह क्रोध में भरकर संसार को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें उनके वास्तविक स्वरूप से अवगत कराएं, और उनसे निवेदन करो कि वह ऐसा न करें।
यदि वह आपका अनुरोध न मानें तो शक्ति का प्रयोग करके नृसिंह को शांत करो। वीरभद्र नृसिंह के पास पहुंचे और पहले विनित भाव से शांत करने की कोशिश करने लगे। लेकिन जब नृसिंह नहीं माने तब वीरभद्र ने शरभ रूप धारण लिया।