मानसून के आते ही उत्तराखंड में आफतों का दौर भी शुरू हो गया। आज भारी बारिश से सूबे में 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग लापता हो गए। पिथौरागढ़ में बारिश कहर बनकर बरसी।
डीडीहाट में मलबे में दबने से नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 लोग अभी भी मलबे में दबे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है। वहीं, चमोली में बादल फटने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग लापता बताए जा रहे है। वहीं, अपुष्ट सूत्रों के अनुसार सूबे में 30 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि, प्रशासन सिर्फ 11 लोगों की मरने की बात कह रहा है। चमोली जनपद में बादल फटने के बाद अलकनंदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
बागेश्वर में बारिश के चलते सरयू और गोमती का जलस्तर काफी बढ़ गया हैं वहीं अलकनंदा का जलस्तर भी खतरे के निशान से उपर जा रहा है। ऋषिकेश-बद्रीनाथ मार्ग पर तोता घाटी के समीप राजमार्ग पर चट्टान आ गिरी, जिससे हाईवे बंद हो गया। उधर, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारु है। एसडीआरएफ के आईजी संजय गुंज्याल के अनुसार चार धाम यात्रा और हेमकुंड यात्रा के सभी यात्री सुरक्षित हैं।
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