कृषि विज्ञान केंद्र आदिवासी अंचल के लोगों को सीताफल के उत्पादन के मामले में उद्योग से जोड़ने की कोशिश में है। सीताफल का जब अधिक उत्पादन होता है तो वह औने-पौने दाम में बिक जाता है। ऐसे में अब शहरों में आईसक्रीम, सीताफल शेक और कई मिठाइयों के लिए उसका पल्प तैयार करने की इकाई स्थापित करवाई जाएगी।
इतना ही नहीं सीताफल के छिलके को खाद के तौर पर उपयोग कर आदिवासी खुद के खेत में बेहतर उत्पादन ले सकें, ऐसे प्रयास किए जाएंगे। सीताफल के बीज को शैंपू बनाने की इकाई को उपलब्ध कराया जाएगा। इस तरह नालछा विकासखंड में सीताफल को स्वयं सहायता समूह के माध्यम से उद्योग से जोड़ने की कोशिश होगी।
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