मनुष्यों को मारकर खा जाने वाले तीन आदमखोर शेरों को गुजरात वन विभाग ने कैद कर लिया था और अब इनमें से दो को ‘बेनिफिट ऑफ डाउट’ देने वाला है। चिड़ियाघर भेजने के बजाय इन दो शावकों को विभाग ने ऑब्जर्वेशन के तहत रखने का निर्णय लिया है। बता दें कि इन दोनों शावकों के मल में कम मात्रा में मनुष्यों के अवशेष मिले हैं जिससे यह निष्कर्ष निकाला गया है कि ये शिकार के अपराध में शामिल नहीं होंगे बल्कि बचा खुचा मांस इनके हिस्से आया होगा।
वन अधिकारियों ने कहा कि दो शेर के शावकों के मल में कम मनुष्य के अवशेष मिले हैं जिसका मतलब है कि इन्होंने बचा हुआ मांस खाया और शिकार के अपराध में भागीदार नहीं हैं। मल विश्लेषण के बाद, विभाग ने निष्कर्ष निकाला कि हत्या का अपराध एक नर शेर ने किया, उसे पहले ही कैद कर लिया गया है।
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