हम सभी को इस जन्म में मनुष्य योनि मिली है, लेकिन जरूरी नहीं कि अगले जन्म में भी ऐसा ही हो। दरअसल, अगले जन्म में कौन-सी योनि मिलेगी, यह पूरी तरह के इस जन्म के कर्मों पर निर्भर करता है।
हिंदू धर्म के विद्वान बताते हैं कि इस जन्म में इनसान के कर्म देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगले जन्म में उसे कौन-सी योनि मिलेगी। शास्त्रों में इसके तमाम उदाहरण मौजूद हैं।
जिन-जिन को इस जन्म में मनुष्य योनि मिली है, उन्हें अनंत जन्मों के संस्कार के अनुरूप यह सौभाग्य हासिल हुआ है। निम्नस्तरीय योनियों का हिसाब-किताब भी ऐसा ही है। हमारी चेतना की आगे की यात्रा ऐसी होती है कि सात्विक गुण वाले ऊपर के लोकों की ओर जाते हैं और रजो गुण वाले मनुष्त्व की ओर ही रहते हैं। जो तमो गुण प्रधान होते हैं वे निम्न स्तरीय योनियो में भ्रमण करते हैं।
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